15 अगस्त 2018 - 07:53
ईरान का रक्षा उद्योग देश की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने वाला हैःरक्षामंत्री

आज अमेरिका अपने वर्चस्व के मार्ग की सबसे बड़ी रुकावट ईरान की सैनिक शक्ति को देख रहा है और इसी कारण वह ईरान की रक्षा शक्ति को क्षेत्र के लिए ख़तरा दर्शाने के प्रयास में है

प्रतिरक्षामंत्री ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातेमी ने बल देकर कहा है कि ईरान का रक्षा उद्योग देश की सुरक्षा व स्थाइत्व को सुनिश्चित बनाने वाला है। रक्षामंत्री ने फात्हे मुबीन नामक प्रक्षेपास्त्र के अनावरण समारोह के दौरान कहा कि आज कोई भी चीज़ इस मिसाइल के मार्ग की रुकावट नहीं बन सकती।

अमेरिकन इंटरप्राइज़ संस्था के पूर्व अधिकारी मैथी मेकेनस ईरान की बैलेस्टिक मिसाइल क्षमता की ओर संकेत करते हुए लिखते हैं" जब ईरानी इंजीनियर स्कड मिसाइल का निर्माण स्वयं कर सकते हैं तो बैलेस्टिक मिसाइल ईरान के रक्षा उद्योग का नगीना बन गया है।"

उन्होंने लिखा कि तेहरान हथियारों और समस्त सैनिक उपकरणों के निर्माण को स्थानीय बनाने के प्रयास में है और उन्होंने बल देकर कहा कि स्थानीय बनाने का कारण पश्चिम के प्रतिबंध और आत्म निर्भर होने की ईरान की भावना है।

ईरान जो मिसाइलों के निर्माण में आत्म निर्भर होने पर बल देता है उसका एक कारण इराक द्वारा ईरान पर थोपा गया आठ वर्षीय युद्ध था। क्योंकि इराक द्वारा ईरान पर थोपे गये आठ वर्षीय युद्ध के दौरान सद्दाम के मिसाइल हमलों में ईरान को काफी क्षति उठानी पड़ी थी और रोचक बात यह है कि सद्दाम को बड़ी शक्तियों विशेषकर अमेरिका का पूर्ण समर्थन प्राप्त था।

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि आज अमेरिका अपने वर्चस्व के मार्ग की सबसे बड़ी रुकावट ईरान की सैनिक शक्ति को देख रहा है और इसी कारण वह ईरान की रक्षा शक्ति को क्षेत्र के लिए ख़तरा दर्शाने के प्रयास में है परंतु इस्लामी गणतंत्र ईरान शत्रुओं की किसी प्रकार की धमकी व दबाव से प्रभावित हुए बिना अपने मार्ग पर अग्रसर है।

ईरान के विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ ने एक साक्षात्कार में कहा है कि हम क्षेत्र में दूसरे देशों की अपेक्षा हथियारों के लिए कम बजट विशेष करते हैं।

सऊदी अरब के पास हमसे अधिक दूरी तक मार करने वाले मिसाइल हैं और वह परमाणु वार हेड्स भी ले जा सकते हैं जबकि ईरान के मिसाइल इस प्रकार के नहीं हैं।"

यहां एक रोचक बिन्दु यह है कि इस प्रकार के मिसाइलों को बड़ी शक्तियों विशेषकर अमेरिका ने सऊदी अरब को दिया है और वे कभी भी नहीं कहती हैं कि सऊदी अरब के मिसाइल क्षेत्र की सुरक्षा के लिए ख़तरा हैं।